बच्चों की अच्छी पढाई के लिए ज्योतिष उपाय

बच्चों
की अच्छी पढ़ाई के लिए ज्योतिषी उपाय

पढ़ाई का जीवन में बहुत बड़ा महत्व है इसलिए सभी माता-पिता की यही इच्छा होती है ,कि उनका बच्चा अच्छे से पढ़ाई  करें और अपने जीवन में सदैव तरक्की करें कई बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लगता है वह कोई ना कोई बहाना बना कर के पढ़ाई से बचने का सोचते रहते है। क्योंकि हम देखते हैं कि हम तौर पर बच्चे पढ़ने से ज्यादा खेलना पसंद करते हैं इसलिए पढ़ाई से मन चुराते हैं इसका सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ता है और उसके बाद परीक्षा में उत्तीर्ण होना अथवा अंक कमाना इससे उनके अंग प्रतिशत में कमी आती है।

ऐसे में माता-पिता की चिंता बढ़ जाती है क्योंकि हर माता-पिता यही सोचते हैं कि किस तरह से अपने बच्चों के अंदर पढ़ाई की जिज्ञासा को बढ़ाएं किस तरह से उनके बच्चे पढ़ाई में मन लगा सके और पढ़ाई में अच्छे अंक हासिल कर सकें इसी चिंता में माता-पिता सदैव रहते है। और इसलिए अधिकांश माता पिता बच्चे के अच्छे जीवन के लिए स्कूल से अलग भी टीचर का प्रबंध करते हैं जो उनको एक्स्ट्रा क्लास देता है ताकि बच्चे अच्छे से पढ़ सके और अच्छे  से अंक प्राप्त कर सके बच्चों की पढ़ाई को लेकर माता-पिता का चिंतित होना गलत नहीं है क्योंकि प्रत्येक माता-पिता अपने बच्चों का उज्जवल भविष्य ही चाहते है।

लेकिन एक बात अच्छे से समझ लीजिए कि बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लगना एक सामान्य बात है तो इसके लिए चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन यदि यह समस्या अत्यधिक हो जाए तो माता-पिता के लिए चिंता का कारण है। और कई बार इसी चिंता में माता-पिता बच्चों पर पढ़ाई को लेकर के अत्यधिक दबाव बनाए रखते है। और इस दबाव के कारण बच्चा चिड़चिड़ा हो जाता है और पढ़ाई से दूरी बना लेता है उसके बाद बच्चा या तो अधिक रोएगा या अधिक सोएगा लेकिन उसका मन पढ़ाई में नहीं लगेगा। क्योंकि बच्चे का मन बहुत ही कोमल और चंचल होता है। ऐसे में उन पर जोर-जबरदस्ती करके उनसे कुछ करवाना बिल्कुल भी उचित नहीं है। खासतौर पर जब बात पढ़ाई की हो।

इसलिए बच्चे पर अधिक दबाव ना बनाकर माता-पिता को चाहिए की सबसे पहले बच्चे के पढ़ाई में मन ना लगने के कारण को समझें उसका निवारण करें और साथ ही किसी अच्छे ज्योतिषी के द्वारा बच्चे की जन्म पत्रिका विश्लेषण अवश्य कराएं कि किस कारण बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लग रहा है क्योंकि बच्चे के जन्म पत्रिका में पढ़ाई खराब होने के कई कारण होते हैं जैसे राहु की महादशा या अंतर्दशा या प्रत्यंतर दशा, अथवा गुरु का अशुभ होना अस्त होना या नीच का होना, बच्चे की पढ़ाई को खराब करता है।

चंद्रमा का खराब होना अथवा चंद्र या सूर्य के साथ राहु की युति का होना बच्चे की पढ़ाई को खराब करता है। साथ ही जन्मपत्रिका में द्वितीय पंचम भाव में बैठे पापी ग्रह इन भाव पर भाव पर पापी ग्रह की दृष्टि हो तब भी बच्चे का मन पढ़ाई में नहीं लगता, ऐसे में बच्चे के ऊपर कितना भी दबाव बना लीजिए बच्चे की पढ़ाई को अच्छा नहीं कर सकते इसलिए इन सब ग्रह और योग को ध्यान में रखते हुए बच्चे की कुंडली का विश्लेषण करा कर के उपाय अवश्य करें।

 बच्चों की अच्छी पढाई के लिए उपाय

हम बच्चे की कुंडली में बनने वाले अशुभ योगों को नजर में रखते हुए कुछ उपाय बच्चों की अच्छी पढ़ाई के लिए दे रहे हैं इनको अवश्य करें।

(1) चांदी के बर्तन में केसर खोलकर अपने बच्चों के माथे पर प्रतिदिन टीका लगाएं यदि केसर ना मिले तो हल्दी का प्रयोग भी कर सकते हैं।

(2) अपने बच्चों को चांदी के गिलास में पानी पिलाकर बृहस्पतिवार के दिन से ही स्कूल भेजना प्रारंभ करें।

(3) अपने बच्चे के पढ़ाई से संबंधित सामग्री पेन, पेंसिल , किताब इत्यादि बृहस्पतिवार के दिन ही खरीदें।

(4) बच्चा यदि तेज नमक खाता है तो नमक की मात्रा को कम करें और दिन में एक बार मीठा अवश्य खिलाएं।

(5) यदि बच्चे की स्मरण शक्ति कमजोर हो तो उसे तुलसी के 11 पत्तों का रस मिश्री के साथ नियमित रूप से दें।

(6) परीक्षाओं के  पांच दिन पूर्व से ही बच्चे को मीठा दही नियमित रूप से दें , लेकिन प्रतिदिन दही देने के लिए इसमें समय का परिवर्तन अवश्य करें जैसे  यदि एक दिन सुबह 8 बजे दही दिया है तो अगले दिन 9 बजे दही खाने के लिए दीजिए और उससे अगले दिन 10 बजे इसी प्रकार नियमित रूप से समय का परिवर्तन करें।

(7) पढ़ाई में मन लगाने के लिए बुद्धि का तीव्र होना आवश्यक होता है जिसके लिए भगवान गणेश जी को हर बुधवार के दिन दूर्वा चढ़ाएं इससे बच्चे के अंदर बुद्धि का विकास होगा और बच्चे का मन पढ़ाई में लगेगा।

(8) बच्चे की जन्म पत्रिका के अनुसार अशुभ ग्रहों का उपाय अवश्य करें।

ग्रह रत्न के अनुसार बच्चे की पढ़ाई को ठीक करना

(1) यदि आपका बच्चा गलत संगत के कारण अपनी पढ़ाई में ध्यान नहीं दे पा रहा है तो आप अपने बच्चे को जन्म कुंडली के अनुसार लग्नेश का रत्न अवश्य पहनाएं।

(2) यदि आपका बच्चा खेलकूद के कारण अथवा बहुत अधिक आलस के कारण पढ़ाई नहीं कर पा रहा है ,तो आप अपने बच्चे की जन्म कुंडली के अनुसार अलावा पंचमेश का रत्न या नवमेश का रत्न पहनाएं।

बच्चे की अच्छी पढ़ाई के लिए वास्तु अनुसार ध्यान रखना

(1) बच्चे के कमरे में अच्छे चित्र लगाएं जैसे दौड़ते हुए घोड़े, उगता हुआ सूरज आदि इससे आपके बच्चे के कमरे में सकारात्मक ऊर्जा का वास होगा। भूलकर भी कमरे में नकारात्मक तस्वीरें ना लगाएं।

(2) अपने बच्चों के अध्ययन कक्ष में मां सरस्वती का छोटा सा चित्र या मूर्ति पूर्व दिशा में लगाएं।

(3) बच्चे की पढ़ाई के लिए स्टडी टेबल पूर्व उत्तर दिशा में होनी चाहिए या बच्चे का मुख पढ़ाई करते हुए पूर्व की ओर होना चाहिए खिड़की या घर के किसी भी कोने में बैठ कर बच्चे को पढ़ाई नहीं करनी चाहिए।

(4) बच्चे स्टडी रूम पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए इसका ध्यान मकान बनाते हुए रखना चाहिए

(5) बच्चे के स्टडी रूम में नीले काले रंग के परदे ना लगाएं।

(6) बच्चे के स्टडी रूम की दीवारों पर हल्के रंग के कलर का प्रयोग करें।

बच्चे के स्टडी रूम में तांबे के लोटे में पानी हमेशा भर कर के रखे हैं।

मंत्र द्वारा बच्चे की पढ़ाई को ठीक करना

मां सरस्वती ज्ञान प्रदान करने वाली है और भगवान श्री गणेश ज्ञान और बुद्धि के दाता है इसलिए प्रात काल मां सरस्वती और गणेश भगवान के मंत्र का जाप 11 21 51 108 बार अवश्य करें

भगवान गणेश गायत्री मंत्र:-: एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात।।

सरस्वती गायत्री मंत्र:-: वागदैव्यै विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्

अथवा

या देवी सर्वभूतेषु बुद्धिरूपेणसंस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।।

नोट:- इन उपायों के करने से आपके बच्चे की पढ़ाई में सुधार आएगा जो कि आपके बच्चे के लिए फायदेमंद साबित होगा यदि आप यह उपाय नियमित रूप से धैर्य रखकर करेंगे तो आपको सकारात्मक परिणाम जरूर मिलेगा किसी भी कारणवश यदि आप उपरोक्त उपाय करने में असमर्थ हैं और जल्दी समस्या का समाधान चाहते हैं तो कॉमेंट्स द्वारा या कांटेक्ट द्वारा हमसे संपर्क कर सकते हैं



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