वास्तुशास्त्र और सुख-समृद्धि
वास्तु शास्त्र का हमारे जीवन में बहुत बड़ा महत्व जो कहीं न कहीं हमारे जीवन को भावित करता है वास्तुशास्त्र किसी निर्माण से सम्बंधित चीज़ों के शुभ अशुभ फलों को बताता है। यह किसी निर्माण के कारण होने वाली समस्याओं के कारण और निवारण को भी बताता है। वास्तु शास्त्र में घर को बनाने से लेकर घर में समान को किस तरीके से रखना है कहां पर रखना है तक के सारे नियम बताए गए है। यदि घर वास्तु के अनुसार ना हो तो घर में बीमारी ,परेशानी , क्लेश आदि रहते है। यदि घर में सही दिशा और सही जगह पर समान को रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर में सुख समृद्धि आती है इसलिए हम आपको घर से संबंधित कुछ वास्तु के आसान उपाय बता रहे हैं जिसे आप आसानी से कर सकते हैं
घर की सुख शांति के लिए वास्तु शास्त्र के उपाय
👉 प्रात काल मुख्य दरवाजे की सफाई अवश्य करें जल से
धोएं अथवा गंगाजल का छीटा लगाएं।
👉 प्रातः काल घर में पोछा लगाते समय पानी में सेंधा नमक अवश्य डालें।
👉 घर में जाले मकड़ी आदि का होना शुभ नही माना जाता है घर की सफाई रखें।
👉 अपने घर में किसी भी प्रकार का कांटे वाला पेड़ कभी ना लगाएं।
👉 स्नान करने के बाद कभी भी स्नानघर को गंदा न छोड़ें।
👉 बिस्तर की चादर व तकिए के कवर सप्ताह में दो बार अवश्य बदलें ।
👉 घर में भोजन बनाते समय गाय कुत्ते व कौए का हिस्सा अवश्य निकालें।
👉 प्रतिदिन प्रातः पूजा करते समय शंख अवश्य बजाएं।
👉 महीने की हर अमावस्या पर पूरे घर की अच्छी तरह से साफ सफाई करें और सफाई करने के बाद घर में धूप दीप आदि जलाएं।
👉 गंगाजल में पिसी हल्दी मे केसर मिलाकर, उससे मुख्य द्वार के दोनों ओर स्वास्तिक का चिह्न बना दें। इससे आपके घर में कोई भी नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती है।
👉 ध्यान रहे कि घर के दरवाजे व खिड़कियां क्षतिग्रस्त ना हो और ना ही दरवाजे व खिड़कियों में किसी प्रकार की आवाज हो इसलिए समय-समय पर खिड़कियों व दरवाजों में तेल अवश्य डालें।
👉 घर में किसी भी प्रकार के युद्ध वाले चित्र या टूटा कांच, बंद घड़ी, खोटे सिक्के आदि नहीं होने चाहिए , घर की छत हमेशा साफ रखें बेकार के टूटे-फूटे सामान छत पर ना रखें, घर में पड़ा टूटा-फूटा फर्नीचर, बर्तन, फटे हुए कपड़े और कतरनें पड़ी हों तो तुरंत घर से निकाल दें।
👉 ध्यान रहे कि घर में झाड़ू को मंदिर या रसोईघर के आस-पास कभी ना रखें झाड़ू को खड़ी करके भी ना रखें झाड़ू को ऐसे स्थान पर रखें जहां आते जाते उस पर पैर ना लगे।
👉 घर में तुलसी का पौधा लगाएं तथा प्रतिदिन इसका पूजन करें। तुलसी के गमले में दूसरा कोई पौधा ना लगाएं। तुलसी हमेशा घर के उत्तर दिशा में लगाएं।
👉 मकान का उत्तरी एवं पूर्वी भाग अधिकांश खाली व साफ सुथरा रखना चाहिए इससे घर में सकारात्मक आती है व्यापार में वृद्धि होती है और धन का संचार होता है इससे व्यापार वृद्धि के साथ आर्थिक उन्नति में भी वृद्धि होती है।
👉 गाय के गोबर का दीपक बनाकर उसमें गुड़ तथा सरसों का तेल डालकर जलाएं। फिर इसे घर के मुख्य द्वार के मध्य में रखें। इस उपाय से भी घर में शांति बनी रहेगी तथा समृद्धि में वृद्धि होगी।
👉 सुबह और शाम कुछ समय के लिए घर में धीमी आवाज में मंत्र जैसे गायत्री मंत्र या महामृत्यु मंत्र अवश्य बजाएं। इससे घर में सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद मिलेगी।
👉 प्रतिदिन खाना खाते समय खाने में उतना ही भोजन लेना चाहिए जितना कि आप खा सके खाने को छोड़ना या फेंकना धन और स्वास्थ्य की हानि करता है और इससे अन्न का अपमान होता है।
👉 रात के समय रसोई घर में कभी भी गंदे बर्तन नहीं छोड़ने चाहिए इससे नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
👉 बुधवार के दिन कभी किसी को कर्ज नहीं देना चाहिए बुधवार को दिए गए कर्ज को वापस मिलने में कठिनाई होती है या वापस ही नहीं मिलता।
👉 मंगलवार को कर्ज नहीं लेना चाहिए मंगलवार के दिन लिए गए कर्ज को उतारने में परेशानी होती है जबकि यदि कर्ज मंगलवार के दिन से देना प्रारंभ करें तो कर्ज जल्दी उतर जाएगा।
👉 प्रातः काल घर में पोछा लगाते समय पानी में सेंधा नमक अवश्य डालें।
👉 अपने घर में किसी भी प्रकार का कांटे वाला पेड़ कभी ना लगाएं।
👉 स्नान करने के बाद कभी भी स्नानघर को गंदा न छोड़ें।
👉 घर में भोजन बनाते समय गाय कुत्ते व कौए का हिस्सा अवश्य निकालें।
👉 महीने की हर अमावस्या पर पूरे घर की अच्छी तरह से साफ सफाई करें और सफाई करने के बाद घर में धूप दीप आदि जलाएं।
👉 गंगाजल में पिसी हल्दी मे केसर मिलाकर, उससे मुख्य द्वार के दोनों ओर स्वास्तिक का चिह्न बना दें। इससे आपके घर में कोई भी नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती है।
👉 ध्यान रहे कि घर के दरवाजे व खिड़कियां क्षतिग्रस्त ना हो और ना ही दरवाजे व खिड़कियों में किसी प्रकार की आवाज हो इसलिए समय-समय पर खिड़कियों व दरवाजों में तेल अवश्य डालें।
👉 घर में किसी भी प्रकार के युद्ध वाले चित्र या टूटा कांच, बंद घड़ी, खोटे सिक्के आदि नहीं होने चाहिए , घर की छत हमेशा साफ रखें बेकार के टूटे-फूटे सामान छत पर ना रखें, घर में पड़ा टूटा-फूटा फर्नीचर, बर्तन, फटे हुए कपड़े और कतरनें पड़ी हों तो तुरंत घर से निकाल दें।
👉 ध्यान रहे कि घर में झाड़ू को मंदिर या रसोईघर के आस-पास कभी ना रखें झाड़ू को खड़ी करके भी ना रखें झाड़ू को ऐसे स्थान पर रखें जहां आते जाते उस पर पैर ना लगे।
👉 घर में तुलसी का पौधा लगाएं तथा प्रतिदिन इसका पूजन करें। तुलसी के गमले में दूसरा कोई पौधा ना लगाएं। तुलसी हमेशा घर के उत्तर दिशा में लगाएं।
👉 मकान का उत्तरी एवं पूर्वी भाग अधिकांश खाली व साफ सुथरा रखना चाहिए इससे घर में सकारात्मक आती है व्यापार में वृद्धि होती है और धन का संचार होता है इससे व्यापार वृद्धि के साथ आर्थिक उन्नति में भी वृद्धि होती है।
👉 गाय के गोबर का दीपक बनाकर उसमें गुड़ तथा सरसों का तेल डालकर जलाएं। फिर इसे घर के मुख्य द्वार के मध्य में रखें। इस उपाय से भी घर में शांति बनी रहेगी तथा समृद्धि में वृद्धि होगी।
👉 सुबह और शाम कुछ समय के लिए घर में धीमी आवाज में मंत्र जैसे गायत्री मंत्र या महामृत्यु मंत्र अवश्य बजाएं। इससे घर में सकारात्मक वातावरण बनाने में मदद मिलेगी।
👉 रात के समय रसोई घर में कभी भी गंदे बर्तन नहीं छोड़ने चाहिए इससे नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
👉 बुधवार के दिन कभी किसी को कर्ज नहीं देना चाहिए बुधवार को दिए गए कर्ज को वापस मिलने में कठिनाई होती है या वापस ही नहीं मिलता।
👉 मंगलवार को कर्ज नहीं लेना चाहिए मंगलवार के दिन लिए गए कर्ज को उतारने में परेशानी होती है जबकि यदि कर्ज मंगलवार के दिन से देना प्रारंभ करें तो कर्ज जल्दी उतर जाएगा।
👉 घर पर पूर्वजो की तस्वीर हमेशा दक्षिण दिशा में
लगानी चाहिए भूलकर भी
पूर्व दिशा या मंदिर में न लगाए।
👉 कोई भी शुभ कार्य राहु काल में प्रारंभ ना करें इस से कार्य करने में परेशानी होती है।
नोट-ः उपरोक्त उपाय को करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और घर में शांति रहती है । यदि घर में कोई न कोई बीमार रहता है, घर में सदैव लड़ाई झगड़े होते रहते है ।, कमाई से ज्यादा आपका खर्चा हो रहा है, आप हर वक्त परेशान रहते हैं या आपको रात के वक्त डरावने सपने आते हैं तो इसका कारण है आपके घर का वास्तु दोष, कई बार भवन निर्माण के दौरान कई प्रकार के वास्तु दोष रह जाते हैं, इसलिए वास्तु दोष के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए ऊपर कुछ उपाय दिए गए हैं , उनको करने से आपको इन परेशानियों से छुटकारा मिलेगा और सुख- घर में शांति आएगी।
उपरोक्त उपाय को करने साथ-साथ वास्तु दोष निवारण की स्थापना कराने से भी घर के वास्तु दोष का निवारण होता है इसलिए वास्तु निवारण यंत्र की विधिवत पूजा कराने के पश्चात घर में स्थापना करें ताकि घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार हो सकें और नकारात्मक शक्तियों का नाश किया जा सके। वास्तु दोष निवारण यंत्र हमारे घर के लिए एक सुरक्षा कवच का काम करता है। वास्तु दोष निवारण यंत्र को स्थापित करने से नवग्रहों का शुभ फल प्राप्त होता है। वास्तुदोष निवारण यंत्र को स्थापित करके आप अपने घर में बिना तोड़-फोड के वास्तुदोष को दूर कर सकते हैं।
वास्तुदोष निवारण यंत्र को आप भोजपत्र, तांबे और चांदी की धातु पर भी बनवा सकते हैं,या बना हुआ मार्केट से भी खरीद सकते हैं । वास्तु दोष निवारण यंत्र खरीदने तथा स्थापना कराने के लिए किसी अनुभवी ज्योतिषी की सलाह लेकर उसे घर की सही दिशा में स्थापित करना चाहिए।
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जीवन दर्पण
