जैसा की आप जानते हैं कि दीपावली से
एक दिन पहले यानी कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी के दिन छोटी दीपावली मनाते हैं
और कार्तिक कृष्ण अमावस्या के दिन दीपावली मनाते हैं लेकिन इस साल चतुर्दशी और अमावस्या दोनों का ऐसा संयोग बन गया है
जिससे छोटी दिवाली के
दिन ही दिवाली भी
मनाई जाएगी और लक्ष्मी पूजन किया जाएगा। जबकि धनतेरस इस बार 23 अक्टूबर को ही मनाई जाएगी।
24 अक्तूबर 2022 में छोटी दिवाली किस समय मनाए
छोटी दिवाली पर सनातन धर्म अनुसार यमराज की
पूजा का विशेष महत्व है, इसलिए छोटी दिवाली को नरक
चतुर्दशी भी कहते हैं,
छोटी दिवाली पर शाम
के समय प्रवेश द्वार पर सरसों के
तेल के दीपक जलाए जाते हैं. इन
दीपक को यम दीपक कहते हैं. इस
दिन कुल 12 दीपक जलाए जाते हैं. ऐसा
कहते हैं कि यमराज के लिए तेल
का दीपक जलाने से
नरक की यातनाओं से
छुटकारा मिलता है और
अकाल मृत्यु भी टल
जाती है, आइए जानते हैं कि छोटी दिवाली मनाने का
मुहूर्त क्या है।
छोटी दिवाली का शुभ मुहूर्त
यम दीपक जलाने का शुभ मुहूर्त- : सायंकाल 4 बजकर 12 मिनट से सायंकाल
5 बजकर 26 मिनट तक
इस वर्ष की दीपावली पर पितृ पूजन , लक्ष्मी पूजा कब और कैसे करें
कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर दीपावली का त्योहार मनाया जाता है, दीपावली के दिन प्रातः काल पितृ पूजन और रात के
समय लक्ष्मी पूजा का
विशेष महत्व होता है।
लेकिन इस वर्ष 25 अक्तूबर 2022 में सूर्य ग्रहण के कारण सूर्य उदित अमावस्या नहीं मिल पाएगी इसलिए 24 तारीख में सायंकाल 5 बजकर 27 मिनट पर
अमावस्या लगेगी उसी समय
उसी समय है पितरों की पूजा की
जाएगी तत्पश्चात रात्रि की
शुभ चौघड़ियो में लक्ष्मी पूजन किया जाएगा
लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त
लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त- : सायंकाल 5 बजकर 36 मिनट से, रात्रि 7 बजकर 12 मिनट तक
लक्ष्मी पूजन का द्वितीय शुभ मुहूर्त- : रात्रि 10 बजकर 24 मिनट से, रात्रि 11 बजकर 59 मिनट तक
राशि अनुसार दीपावली पर धन प्राप्ति के उपाय
(1) मेष राशि : गणेशजी को बूंदी के
लड्डू चढ़ाएं। रंगीन कंबल या गर्म कपड़े दान करें। कुत्तों को इमरती खिलाएं। नैऋत्य कोण में
सरसों का दीपक रातभर जलाएं। लाल रंग
के वस्त्र में कमलगट्टे की माला रखकर घर की तिजोरी या अलमारी में
रखें।
(2) वृषभ राशि : हनुमानजी को गुड़-चना
चढ़ाएं। बच्चों को रेवड़ियां बांटें। दक्षिण दिशा में तिल के
तेल का दीपक जलाएं। 5 पीपल के पत्तों को साफ पानी से धोकर इस
पर पीला चंदन लगाएं और किसी नदी
में बहा दें, यदि
ऐसा ना कर पाएं तो दो घी
के दीपक कहीं एकांत में जलाकर घर
वापस आ जाएं।
(3) मिथुन राशि : पानी वाला नारियल तथा
बादाम दुर्गाजी को या
काली मंदिर में दक्षिणा सहित चढ़ाएं (रात्रि में)। पक्षियों को दाना चुगाएं। घर के बड़ों-बुजुर्गों को वस्त्रादि भेंट करें। घर
के नैऋत्य कोण में
सरसों के तेल का
दीपक जलाएं। हल्दी की
माला बनाकर गणेश भगवान को पहनाएं और
पूजा करने के उपरांत इसे अपने धन
स्थान पर रख दें।
(4) कर्क राशि : हनुमानजी को बेसन के
लड्डू चढ़ाएं। काली उड़द दान करें। तेल
लगी रोटी कु्तों को
खिलाएं। पश्चिम दिशा में
घी का दीपक लगाएं, शाम अपने घर
के बाहर एक घी
का दीपक जलाएं साथ
ही किसी पीपल के
पेड़ के नीचे एक
पंचमुखी दीपक जला आएं।
(5) सिंह राशि : सप्तधान दान करें। उड़द का सामान बांटें। घर के नैऋत्य कोण में सरसों के तेल का
दीपक लगाएं। मूंग को
भिगोकर भूमि में दबा
दें, मध्य रात्रि में
एक घी का दीपक जलाकर मुख्य द्वार पर इस तरह
रखें कि वह पूरी रात जलता रहे।
(6) कन्या राशि : शनि
मंदिर में तेल का
दीपक लगाकर तेल दान
करें। गरीबों को भोजन दान करें। नैऋत्य कोण में सरसों के तेल का
दीपक लगाएं।लक्ष्मी नारायण के
मंदिर में जाकर देवी लक्ष्मी को कमलगट्टे की माला अपर्ण करें और उनसे प्रार्थना करें।
(7) तुला राशि : पीपल में मीठा जल
चढ़ाकर तेल का दीपक लगाएं रात्रि में। घर के पश्चिम में घी का
दीपक तथा नैऋत्य में
तेल का दीपक लगाएं। दीपावली के दिन
सुबह स्नान पूजन के
बाद एक नारियल ले
जाकर देवी लक्ष्मी के
मंदिर में अर्पित करें।
(8) वृश्चिक राशि : रंगीन कंबल दान करें। घर के ब्रह्मस्थल पर घी का
दीपक रातभर जलाएं। हनुमानजी को लड्डू का
नैवेद्य लगाएं। दीपावली के
दिन दो केले के
पौधे किसी मंदिर में
लगाए। इसके अलावा नरक
चतुर्दशी यानी छोटी दिवाली के दिन पीपल के पेड़ में
जल अर्पित करें ।
(9) धनु राशि : गणेशजी को लड्डू चढ़ाएं। गाय को रोटी पर घी तथा
गुड़ रखकर खिलाएं। शिवजी को जल में
काले तिल मिलाकर चढ़ाएं। घर के नैऋत्य कोण में तेल
का दीपक लगाएं। दीपावली के दिन पीले कपड़े में केले की जड़ को
लपेट पर अपनी बाजू में बांध लें। एक अन्य उपाय यह भी कर
सकते हैं कि रोली से पान के
दो पत्तों पर 'श्री' लिखकर एक को
तिजोरी में रखें और
दूसरे को दिवाली के
अगले दिन गाय को
खिला दें।
(10) मकर राशि : साबुत मसूर दान
करें। घर के बड़ों को भेंट दें। घर की दक्षिण दिशा में तिल
के तेल का दीपक लगाएं। दीपावली के
दिन अपने घर में
कीर्तन करें अथवा करवाएं , इसके साथ नारियल के छिलके पर
एक दीप रखकर उसे
पूरी रात जलने दें।
(11) कुंभ राशि : दुर्गाजी को नारियल चढ़ाएं। पक्षियों को दाना चुगाएं। घर के
नैऋत्य कोण में सरसों के तेल का
दीपक लगाएं। सुगंधित जल
से रुद्राभिषेक करें। दीपावली की रात स्फटिक या कमलगट्टे की
माला से इस मंत्र का जाप करें- ऊं ह्रीं ऐं
क्लीं श्रीं।
(12) मीन राशि : शनि
मंदिर में दीपक, तेल
तथा काली उड़द दान
करें। तेल लगी रोटी कुत्तों को खिलाएं। पश्चिम दिशा में
घी का दीपक लगाएं। छोटी दीपावली के
दिन हनुमान जी को
लाल चोला चढ़ाएं। ऐसा
करने से जल्दी धन
की प्राप्ति होगी।

दीपावली लक्ष्मी पूजन के मुहूर्त की जानकारी देने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
जवाब देंहटाएंप्रोत्साहन के लिये बहुत बहुत आभार आपका
हटाएंपूज्य महाराज जी इसी तरह हमें और भी जानकारियां अपने ब्लॉग के माध्यम से देते रहिएगा।
जवाब देंहटाएंआपका बहुत-बहुत धन्यवाद।
अवश्य ही जानकारी देने का प्रयास करते रहेंगे और प्रोत्साहन के लिये आपका बहुत बहुत आभार
हटाएंप्रोत्साहन के लिये आपका बहुत बहुत आभार
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