वृषभ राशि का फलादेश

यदि आपका जन्म वृषभ राशि में हुआ हैं तो आपकी राशि के स्वामी शुक्र हैं। वृषभ राशि के कारण आप अत्यन्त सहन शक्ति वाले कर्मठ होते हैं। यह किसी बात को जब तक सहन करते हैं, जब तक इनसे सहन किया जाता है, लेकिन जब कोई बात इनकी सहन करने की क्षमता से बाहर हो जाती है तो आपके अंदर का क्रोध का गुब्बार बाहर निकल प़डता है। आप प्यार से कुछ भी कर सकते हैं, लेकिन जबरदस्ती आपसे कुछ भी करवाना मुश्किल होता है। आप लगातार कई घंटों बिना थके काम कर सकते हैं। हर सुन्दर वस्तु आपको अच्छी लगती है, अपने आस  पास के वातावरण को व्यवस्थित रखना आपको पसंद होता है।   

आप अपने घर एवं ऑफिस में आधुनिक संसाधनों का उपयोग करते हैं। स्वयं का सजना-सँवरना भी आपको बहुत पसंद होता है। आप सोच-विचार करके योजनाबद्ध तरीके एवं पूर्ण लग्न से कार्य करते हैं। आप स्वभाव से एक सीमा के बाद जिद्दी होते हैं अगर किसी बात पर आप अ़ड जाये तो फिर आपसे कुछ भी करवाना मुश्किल होता है। आप अपनी जिद के आगे यह भी नहीं सोचते हैं कि सामने वाला भी सही हो सकता है, जिसके बारे में आप अपने मन में जो छवि बना लेते हैं, उसे आसानी से नहीं बदलते हैं और यही स्वभाव आपके संबंधों को खराब करता है। आप व्यक्ति भविष्य को लेकर सदैव सकारात्मक सोच रखते हैं जैसे आपका स्वयं का नजरिया सकारात्मक होता है वैसे ही आप स्वयं से मिलने वाले निराश व्यक्ति के मन में भी आशा की किरण भर देते हैं, और हर प्रकार से व्यक्ति करते हैं आप हर कार्य को मन लगाकर तथा पूरी लग्न से करते हैं लेकिन आप चाहते हैं कि आपके हर काम की प्रशंसा की जाये। आप दूसरे की सहायता जी-जान से करते हैं। आप ऎश्वर्यशाली जीवन जीना पसंद करते हैं आप अपने जीवन को भरपूर जीते हैं। खान-पान में सात्विक भोजन ही पसंद करते हैं। आप सुख-सुविधाओं में रहना ही ज्यादा प्रसन्न रहते हैं। अभावग्रस्त जीवन जीने में आपको थो़डी समस्या आती है। आपके विचार बहुत मुल्यवान होते हैं और आपक एक अलग व्यक्तित्व के मालिक होते हैं आप परिवार को पसंद करने वाले होते हैं और ये चाहते हैं कि ये भौतिक सुख सुविधा आपके प्रियजनों को भी मिलें।

 आप अपनी परम्पराओं से बहुत अधिक जु़डे हुए होते हैं। आप अपनी परम्पराओं का पालन भी करते हैं और आधुनिक समाज के साथ भी चलते हैं। आपकी जीवनशैली आधुनिक समय के साथ ही बदलती रहती है। आप सुरक्षा पसंद करने वाले हैं। और दृढ़ता पूर्वक अपने वातावरण,काम,घर या विचारो से जुड़े रहते हैं। अन्य लोग इसे जिद्दीपन कह सकते हैं पर आप इसे अपनी स्थायितव की जरुरत कहते हैं। इससे आपका दिमाग नये परिवर्तनो को स्वीकार नहीं करता हैं।

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